संदेश

माँ काश तुम नारी होती.....

अब मैं वो नहीं.....

अँधेरे चारों तरफ़ .......

यह फागुनी हवा .........

मौसम के संदेश

अंधेरों का सफर .....

आधा चांद मांगता है पूरी रात

प्रेम, तुम और समाज का ठेका.....

नीरज जी की सालगिरह पर ......

वसंत.......

गाँधी की टी आर पी