गुरुवार, 24 जुलाई 2008

गंगा और महादेव


मशहूर साहित्यकार हुए राही मासूम रज़ा ........ उनकी साहित्यिक कृतियों से ज्यादा शायद हम उनको पहचानते हैं की उन्होंने मशहूर पौराणिक टीवी धारावाहिक ' महाभारत ' की स्क्रिप्ट लिखी थी। खैर साहित्य की दुनिया जानती है किवो क्या थे। आज के दौर में जब पूरी दुनिया पहचान की लड़ाई लड़ रही है, चलिए डालते हैं नज़र उनकी चाँद लाइनों पर .........


मेरा नाम मुसलमानों जैसा है
मुझ को कत्ल करो और मेरे घर में आग लगा दो
मेरे उस कमरे को लूटो जिसमें मेरी बयाने जाग रही हैं
और मैं जिसमें तुलसी की रामायण से सरगोशी करके
कालीदास के मेघदूत से यह कहता हूँ
मेरा भी एक संदेश है।


मेरा नाम मुसलमानों जैसा है
मुझ को कत्ल करो और मेरे घर में आग लगा दो
लेकिन मेरी रग-रग में गंगा का पानी दौड़ रहा है
मेरे लहू से चुल्लू भर महादेव के मुँह पर फेंको
और उस योगी से कह दो-महादेव
अब इस गंगा को वापस ले लो
यह जलील तुर्कों के बदन में गढा गया
लहू बनकर दौड़ रही है।

राही मासूम रज़ा

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