रविवार, 16 दिसंबर 2007

१६ दिसम्बर


दरअसल हम में से ज़्यादातर लोगो को शायद ही याद हो कि आज के दिन ही सन् १९७१ में पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना के सामने अपने ९०,००० सैनिको के साथ आत्मसमर्पण किया था। इस तरह भारत पाकिस्तान के सबसे बडे युद्ध का अंत हुआ था और बांग्लादेश का जन्म हुआ था। गलती आपकी नही हमारी मीडिया कि है जो शायद अमिताभ और शाहरुख़ के जन्म दिवस को ही महत्वपूर्ण तारीखें मानता है। खैर हम याद कर सकते हैं उन सभी हिन्दुस्तानी और पाकिस्तानी सैनिको को जिन्होंने इस युद्ध में अपनी जान गवाई और शहीद हुए, क्योंक सैनिक का कोई मुल्क और धर्म नही होता उनका धर्म, कर्म और मुल्क उनकी बहादुरी और वतनपरस्ती का जज्बा होता है। हम ताज़ा हवा पर उनको श्रद्धांजलि देते और दुआ करतें है कि दुनिया में और युद्ध न हो .........फिल्म बॉर्डर में जावेद साहब की एक नज्म है उसको याद करें,

जंग तो चंद रोज़ होती है ........
ज़िंदगी बरसों तलक रोती है

शायद हमारी मीडिया भी एक दिन संवेदना को समझ पाए ... आमीन !

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

काल चक्र

हिन्दी फोनेटिक कुंजी पटल

देवनागरी