आज बिरज में होली रे रसिया.....

इसीलिए परसों रात मैंने भी ढोलक उठाई और शुरू हो गया....आज बिरज में होली रे रसिया ....
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गीत गाकर देखिये, फिर जहाँ मन में प्रेम और बोली में रस हो वहीं ब्रिज है !
आज बिरज में होली रे रसिया
होरी है रे रसिया, बरजोरी है रे रसिया
आज बिरज में ...
इत तन श्याम सखा संग निकसे
उत वृषभान दुलारी है रे रसिया
आज बिरज में ...
उड़त गुलाल लाल भये बादर
केसर की पिचकारी है रे रसिया
आज बिरज में ...
बाजत बीन, मृदंग, झांझ, डफली
गावत दे -दे - तारी रे रसिया
आज बिरज में ...
श्यामा श्याम मिल होली खेलें,
तन मन धन बलिहारी रे रसिया,
आज बिरज में होली रे रसिया !
होरी है रे रसिया, बरजोरी है रे रसिया
आज बिरज में ...
इत तन श्याम सखा संग निकसे
उत वृषभान दुलारी है रे रसिया
आज बिरज में ...
उड़त गुलाल लाल भये बादर
केसर की पिचकारी है रे रसिया
आज बिरज में ...
बाजत बीन, मृदंग, झांझ, डफली
गावत दे -दे - तारी रे रसिया
आज बिरज में ...
श्यामा श्याम मिल होली खेलें,
तन मन धन बलिहारी रे रसिया,
आज बिरज में होली रे रसिया !
होली की शुभकामनायें
देर आए, दुरूस्त आए। होली का गीत बहुत ही मधुर लगा। होली मुबारक।
जवाब देंहटाएंदेर से ही सही: होली मुबारक!!!!!!!
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